Saturday, 12 December 2015

रजनीकांत और केजरीवाल
की
मुलाकात हो जाती है..!
रजनीकांत ~ मेरे गाँव
में
लाइट नहीं थी..!
मैं अगरबत्ती जलाकर
उसकी
रौशनी में पढ़ता था ।
केजरीवाल ~ हमारे
गाँव में भी
बिजली नहीं थी और
हमारे पास
अगरबत्ती के पैसे भी
नहीं थे..!
फिर भी मैं पढ़ा ।
रजनीकांत ~ कैसे..?
केजरीवाल ~ मेरा एक दोस्त था प्रकाश..
उसे
पास बिठा कर
पढता था।
एक दिन प्रकाश
भीग गया
वो नहीं आया फिर भी
मैं पढ़ा ।
रजनीकांत ~ कैसे..?
केजरीवाल ~ गाँव में
ज्योति
नाम की लड़की भी तो
थी ।
उसके पास बैठ कर।
रजनीकांत बेहोश..
आज तक के इतिहास
मे पहली
बार कोई रजनीकांत
पर
भारी पड़ा है..!

share karo...
पत्नी रात को आसमान के तारों की तरफ
देखते हुए (अपने पति से)- "बताओ जी, वो कौन
सी चीज़ है, जो तुम रोज़ देख तो सकते
हो पर तोड़ नहीं सकते???
.
.
.
पति - नहीं मैं नहीं बताऊँगा!!
.
.
.
पत्नी : बताओ ना प्लीज़!!आपको
मेरी कसम!!
.
.
पति : तेरा मुँह..!
क्या आपको बचपन के वो लम्हे याद हैं जब
...............


जब हम अपने शर्ट में हाथ छुपाते थे और
लोगों से कहते फिरते थे देखो मैंने अपने हाथ
जादू से हाथ गायब कर दिए |
# जब हमें जब जब लगता की हम
विडियोगेम में हारने वाले हैं हम गेम री-
स्टार्ट कर देते थे |

 जब हमारे पास चार रंगों से लिखने
वाली एक पेन हुआ करती थी और हम सभी के
बटन को एक साथ दबाने की कोशिश किया
करते थे |

जब हम दरवाज़े के पीछे छुपते थे ताकि
अगर कोई आये तो उसे डरा सके लेकिन कभी
कभी वहां से चल भी देते थे क्यूंकि सामने से
आने वाला बंदा बड़ी देर कर रहा होता
था |

 जब आँख बंद कर सोने का नाटक करते थे
ताकि कोई हमें गोद में उठा के बिस्तर तक
पहुचा दे |

सोचा करते थे की ये चाँद हमारी
साइकिल के पीछे पीछे क्यों चल रहा हैं |
# On/Off वाले स्विच को बीच में अटकाने
की कोशिश किया करते थे |
# पानी की 2 बूंदों को खिड़की से बहा के
उनके बीच रेस लगवाया करते थे | # सिर्फ
एक ही चीज़ का दिलोजान से ख्याल रखते
थे - हमारी स्कूल बैग # फल के बीज को इस
डर से नहीं खाते थे की कहीं हमारे पेट में
पेड़ न उग जाए | # बर्थडे सिर्फ इसलिए
मनाते थे ताकि ढेर सारे गिफ्ट मिले |
# फ्रिज को धीरे से बंद करके ये जानने की
कोशिश करते थे की इसकी लाइट कब बंद
होती हैं |
# रूम में आते थे पर किसलिए आये वो भूल
जाते फिर बाहर जाके याद करने की
कोशिश करते l
सच , बचपन में सोचते हम बड़े क्यों नहीं हो
रहे और अब सोचते हम बड़े क्यों हो गए ?
ये दौलत भी ले लो..ये शोहरत भी ले लो
..भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी मगर
मुझको लौटा दो बचपन
का सावन ....वो कागज़
की कश्ती वो बारिश का पानी.l
में भी बदलूँगा वक़्त कि रफ्तार के साथ
पर जब भी मिलूंगा अंदाज पुराना होगा…
ज़माना बहुत तेज़ चलता है भाई लोग . . .

जिंदगी की रफतार इस तरह बनाओ की
,कोई दुश्मन आगे नीकल जाए तो चलेगा..
लेकिन कोई दोस्त पीछे ना छुट जाए...
गलती सुधरने का मौक़ा उसी दिन बंद हो
गया था,
जिस दिन हाथ में पेंसिल की जगह पेन थमा
दिया गया था.....
“सबके कर्ज़े चुका दूं मरने से पहले, ऐसी मेरी
नियत है,
मौत से पहले तू भी बता दे ज़िन्दगी, तेरी
क्या कीमत है”
आज तक बहुत भरोसे टूटे, मगर भरोसे की
आदत न छूटी !!
बातों से सीखा है हमने आदमी को पहचानने
का फन,
जो हल्के लोग होते है,हर वक्त बातें भारी
भारी करते हैं...
संभाल के रखना अपनी पीठ को
दोस्तों....
शाबाशी हो या ख़ंजर के
निशान..दोनों पीठ पर ही मिलते हैं!
कुछ शिकायत बनी रहे, रिश्तों में ठहराव
के लिये,
बहुत चाशनी में डूबे रिश्ते वफादार नहीं
होते...: कितने अनमोल है,यह रिश्ते,

जानते नही किसी को फिर भी सभी अपने
ही लगते है..
ख्वाहिश भले छोटी सी हो लेकिन,
उसे पूरा करने के लिए “दिल” ज़िद्दी सा
होना चाहिए..
कभी ना कहो कि दिन अपने खराब हैं,
समझ लो कि हम काँटों से घिर गये गुलाब
है..!!
बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें
छत पर सोयें या ज़मीन पर,,,
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी...
हम किसी भी गली से गुजरते है...
तो लाईन देने वाली लडकियाँ कम और
इज्जत देने वाले दोस्त ज्यादा मिलते है.
मेरी गलतियां मुझ से कहो
दूसरो से नही क्योकि
सुधरना मुझे है उनको नहीं
"फलदार पेड़ और गुणवान
व्यक्ति ही झुकते है,
सुखा पेड़ और मुर्ख
व्यक्ति कभी नहीं झुकते ।
कदर किरदार की होती है
… वरना…कद में तो साया भी
इंसान से बड़ा होता है..!!"
चिरकुट - शादी के समय तुमने स्वीकार
किया था की मेरी इज्जत करोगी, मेरी
बात मानोगी ?
पत्नी - तो क्या इतने लोगो के सामने
तुमसे बहस करती 
10 वीं में उसने मुझसे कहा. की मैं तुमसे
प्यार करके अपनी जिंदगी बेकार नही
कर सकती मुझे
मेरा करियर बनाना है
.
मेरे कुछ सपने है,जो पुरे करने है।
.
आज कितने सालो बाद उससे मुलाक़ात
हुई तो देखा,
आंगन में बच्चों के कच्छे धो रही है
4 सरदार ट्रैन के पीछे भाग रहे थे.
.2 चढ़ गए,तो ट्रैन में लोगो ने
 कहा“WELL DONE”सरदार:ख़ाक 
well doneजाना तो उन्हें था, 
हम तो छोड़ने आये थे.
पप्पू: आपका बेटा बहुत बोलता था,
उसका क्या हाल है?’
‘अब ज्यादा नहीं बोलता.’
‘यह चमत्कार कैसे हो गया?’
‘मैंने उसकी शादी कर दी, लड़की जूडो
कराटे की एक्सपर्ट है...

Thursday, 10 December 2015

एक फौजी ट्रक में 
कुछ सैनिक और मेजर साहब बैठे थे।
,
Pappu ट्रक चला रहा था। 🚛
,
कुछ दूर पर डीजल खत्म हो गया।
,
Pappu ने कहा:-
सर धक्का लगाना पड़ेगा।
,
10-12 किलोमीटर तक
बेचारे मेजर साहब और जवानों ने
धक्का लगाकर डीजल पम्प तक ट्रक पहुंचाया।
बेचारे कुछ जवान तो
गर्मी में बेहोश ही हो गये।
,
डीजल भरवाने के बाद
मेजर साहब ने कहा :- pappu
पीछे पड़े ड्रम में भी डीजल भरवा लीजिये।
,
Pappu ने कहा :- साहब,
वो तो फुल भरा है ।
इमरजेंसी के लिए रखा है।
,
मेजर साहब भी बेहोश।"

Sunday, 6 December 2015

डॉक्टर - आपको क्या बीमारी है ?
मरीज़ - पहले आप वादा करो की हंसोगे
नहीं ।
डॉक्टर - OK...Promise...
मरीज़ ने अपनी टांगे दिखाई जो
माचिस की तीली जितनी पतली थी ।
डॉक्टर को यह देख के हंसी आ गयी ।
मरीज़ - आपने ना हंसने का वादा किया
था ।
डॉक्टर - अच्छा Sorry...
अब तकलीफ बताओ ।
मरीज़ - डॉक्टर साहब, यह सूज गयी है ।
डॉक्टर - हाहाहाहा... भाग साले...
तू आया ही हंसाने के लिए है...

मैनेजर- क्या हुआ सर?

पोपट लाल- मेरा अपनी पत्नि से
झगडा हो गया
और वो होटल की खिडकी से
कूदकर मरने की धमकी दे
रही है....

मैनेजर- सर हम इसमेँ
क्या करेँ ?
ये तो आपकी पर्सनल प्रोब्लम है..

पोपट- साले हरामखोर..
कमरे की खिडकी खुल नहीँ
रही है ..
ये मैंटीनेंस प्रोब्लम है !!
हा हा Share जरुर करे
एक बार एक बुज़ुर्ग आदमी ने देखा कि
पप्पू घर के दरवाज़े पर लगी घंटी बजाने
कि कोशिश कर रहा होता परन्तु उसका
हाथ घंटी तक नहीं पहुँच पा रहा होता है,
यह देख बुज़ुर्ग आदमी पप्पू के पास गया और
उस से पूछा, "क्या हुआ बेटा?"
पप्पू: कुछ नहीं मुझे यह घंटी बजानी है पर
मेरा हाथ नहीं पहुँच रहा तो क्या आप मेरे
लिए ये घंटी बजा देंगे?
यह सुन बूढ़ा आदमी तुरंत हाँ कर देता है और
घंटी बजा देता है, और घंटी बजाने के बाद
पप्पू से पूछता है, "और बताओ बेटा क्या मै
तुम्हारे लिए कुछ और कर सकता हूँ?"
यह सुन पप्पू बोला, "हाँ अब मेरे साथ भाग
बुढ्ढे वरना तू भी पिटेगा अगर मकान का
मालिक बाहर आ गया तो।"
एक पत्नी ने अपने पति से आग्रह किया कि
वह उसकी छह कमियाँ बताए जिन्हें
सुधारने से वह बेहतर पत्नी बन जाए. पति
यह सुनकर हैरान रह गया और असमंजस की
स्थिति में पड़ गया. उसने सोचा कि मैं बड़ी
आसानी से उसे ६ ऐसी बातों की सूची थमा
सकता हूँ , जिनमें सुधार की जरूरत थी और
ईश्वर जानता है कि वह ऐसी ६० बातों
की सूची थमा सकती थी, जिसमें मुझे सुधार
की जरूरत थी.
परंतु पति ने ऐसा नहीं किया और कहा -
'मुझे इस बारे में सोचने का समय दो , मैं
तुम्हें सुबह इसका जबाब दे दूँगा.'
पति अगली सुबह जल्दी ऑफिस गया और फूल
वाले को फोन करके उसने अपनी पत्नी के
लिए छह गुलाबों का तोहफा भिजवाने के
लिए कहा जिसके साथ यह चिट्ठी लगी
हो, "मुझे तुम्हारी छह कमियाँ नहीं मालूम,
जिनमें सुधार की जरूरत है. तुम जैसी भी हो
मुझे बहुत अच्छी लगती हो."
उस शाम पति जब आफिस से लौटा तो देखा
कि उसकी पत्नी दरवाज़े पर खड़ी उसका
इंतज़ार कर रही थी, उसकी आंखौं में आँसू भरे
हुए थे,यह कहने की जरूरत नहीं कि उनके
जीवन की मिठास कुछ और बढ़ गयी थी।
पति इस बात पर बहुत खुश था कि पत्नी के
आग्रह के बावजूद उसने उसकी छह कमियों
की सूची नहीं दी थी.
इसलिए यथासंभव जीवन में सराहना करने
में कंजूसी न करें और आलोचना से बचकर रहने
में ही समझदारी है।
ज़िन्दगी का ये हुनर भी,
आज़माना चाहिए,
जंग अगर अपनों से हो,
तो हार जाना चाहिए..
एक निवेदन है अगर आप को ये पोस्ट अच्छी
लगी तो कृपया Share जरूर करे
आपको Share का फायदा जरूर होगा
एक दिन संता और बंता दोनों टैक्सी स्टैंड
पर बैठे बातें कर रहे थे कि तभी
एक विदेशी उनके पास पहुँचा और उनसे
अंग्रेजी भाषा में कुछ पूछा।
संता - बंता दोनों बेवकूफों की तरह उस
विदेशी के चेहरे को देखते रहे।
विदेशी समझ गया कि दोनों को अंग्रेजी
नहीं आती। अब उसने वही प्रश्न उनसे स्पेन
की भाषा स्पेनिश में पूछा।
दोनों फिर बेवकूफों की तरह विदेशी का
चेहरा देखते रहे।
तीसरी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे
रूस की भाषा रशियन में पूछा।
दोनों का वही हाल रहा।
चौथी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे
जर्मनी की भाषा जर्मन में पूछा।
दोनों फिर वैसे ही उसका चेहरा ताकते
रहे।
आखिर तंग आकर विदेशी चला गया।
उसके जाने के बाद बंता, संता से बोला,
"यार संता, हम लोगों को भी अपनी
भाषा के अलावा कोई दूसरी भाषा
सीखनी चाहिए। हमारे काम आएगी।"
संता ने एक जोर का झापड़ बंता को
लगाया और बोला, "साले, उसको चार चार
आती थी, उसके कोई काम आई?"
हाहा like जरुर करे
हरियाणवी आदमी जवाब उल्टे नही
देता...
लोग सवाल उल्टे करते हैं।
नहीं यकीन आता, तो पढ़िए मस्त जोक
जज: तू तीसरी बार अदालत आया है, तने
शर्म कोनी आती?
आदमी: तू तो रोज़ आवे है, तने तो डूब के
मर जाना चाहिए ।
ग्राहक: थारी भैंस की एक आंख तो
खराब सै,
फेर भी तू इसके 25 हज़ार रुपये मांगन
लाग्र्या सै?
आदमी: तन्नै भैंस दूध खात्तर चाहिए या
नैन-मटक्का करन खात्तर..?????
हज़्ज़ाम: ताऊ, बाल छोटे करने है के...?
ताऊ: बड़े कर सके है के !!
हे हे एक like ताऊ के नाम पे जरुर करे
डॉक्टर:-तबियत कैसी है..?
मरीज़:-पहले से ज्यादा खराब है...
.
.
.
.
.
डॉक्टर:-दवाई खा ली थी.?
मरीज़:-खाली नहीं थी भरी हुई थी...
डॉक्टर:- मेरा मतलब है दवाई ले ली थी.?
मरीज़:-जी आप ही से तो ली थी...
डाक्टर:-बेवक़ूफ़ !! दवाई पी ली थी.?
मरीज़:-नहीं जी,, दवाई नीली थी...
डॉक्टर:-अबे गधे !! दवाई को पी लिया
था.?
मरीज़:-नहीं जी,, पीलिया तो मुझे था...
डॉक्टर:-उल्लू के पट्ठे !! दवाई को खोल के
मुँह में रख लिया था.?
मरीज़:-नहीं आप ही ने तो कहा था कि
फ्रिज में रखना.....
डॉक्टर:-अबे क्या मार खायेगा..?
मरीज़:-नहीं दवाई खाऊंगा...
डॉक्टर:-निकल साले, तू पागल कर देगा...
मरीज़:-जा रहा हूँ, फिर कब आऊँ..?
डॉक्टर:-
.
.
.
.
मरने के बाद...
मरीज़:-मरने के कितने दिन बाद.?
डॉक्टर बेहोश........................
हा हा Share karo दोस्तों।
संता की बीवी किडनैप हो जाती है
किडनैपर ने संता
को फोन लगाया- अगर आज रात
तक पैसे न दिए,
तो तुम्हारी बीवी को मार देंगे!

संता खामोश रहा.. अगले दिन फिर
फोन आया-अगर आज रात
तक पैसे न दिए,
तो तुम्हारी बीवी के टुकड़े-टुकड़े
करके चील-कौवों को खिला देंगे!

संता खामोश रहा
अगले दिन फिर फोन
आया- अगर आज रात तक
पैसे न दिए तो तुम्हारी बीवी
तुम्हें सही सलामत
लौटा दी जायेगी .

संता-बोल कमीने कितने पैसे चाहिए,
डराता किसको है?
रेलवे में नौकरी करते बीमार पति
से उसकी
बीवी बोली: इस बार किसी जानवर के
डाक्टर को दिखाओ।
तभी आप ठीक होगे।

पति ने पूछा : वो क्यों?

बीवी:
1) रोज सुबह मुर्गे की तरह जल्दी उठ
जाते हो|
2) घोडे की तरह भाग कर duty चले जाते
हो।
3) गधे की तरह दिन भर काम करते हो।
4) लोमडी की तरह इधर उधर से पैसे
कमाने में रहते हो
5) बंदर की तरह सीनियर अधिकारियों
के इशारों पर नाचते हो।
6) घर आ कर परिवार पर कुत्ते की तरह
चिल्लाते हो।
7) और फिर भैंस की तरह खा कर सो जाते
हो।

इंसानों का डाक्टर तुम्हें क्या खाक ठीक
कर पायेगा?

सभी रेलवे कर्मचारी को समर्पित
हिसाब किताब में मारवाड़ी
का कोई मुकाबला नहीं।

सभी लोग मोदी से 15 लाख
मांग रहे वहीं मेरा मारवाड़ी
दोस्त 15 लाख 22 हज़ार मांग
रहा है, उसने डेढ़ साल का
ब्याज भी जोड़ लिया है।
यदि घर में कोई पौचा लगाता
है तो
ऐसे निकलना पड़ता है।।।
.
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जैसे नक्सलियों ने बारूद बिछा
दिया हो।।।
एक बार एक हवाई जहाज़ की कम्पनी अपने जहाज़ पर पेंट करवाने का ठेका देने के लिए अखबार में इश्तिहार निकालती है, जिसे देख कर संता, बंता और पप्पू नीलामी में बोली लगाने के लिए जाते हैं और वहां पहुँच कर अपनी अपनी बोली लगाते हैं;संता: मैं इस जहाज़ को पेंट करने के लिए 5 लाख रूपए लूँगा!मैनेजर: नहीं नहीं यह तो बहुत महंगा है!इसके बाद पप्पू अपनी बोली लगाता है;पप्पू: मैं इस जहाज़ को पेंट करने के 4 लाख रूपए लूँगा!मैनेजर: नहीं यह भी बहुत महंगा है!संता और पप्पू की बोली सुन कर बंता कुछ देर सोचता और अपनी बोली लगता है;बंता: मैं ये जहाज़ 500 रूपए में पेंट कर दूंगा!बंता की बात सुन कर मैनेजर हैरानी से बंता से पूछता है;मैनेजर: बंता जी आपको नहीं लगता की ये कीमत कुछ ज्यादा ही कम है और आपको इस सौदे में नुकसान उठाना पड़ सकता है!बंता: ओये नुकसान कैसा, ये दोनों तो बेवकूफ है मैं तो हवाई जहाज़ को तब पेंट करूँगा जब वह आसमान में चला जाएगा और छोटा हो जाएगा तब मैं सीढ़ी लगाकर उस पर रंग कर दूंगा!
"परिंदों को नही दी जाती
तालीम उड़ानों की,
वो खुद ही तय करते है
मंजिल आसमानों की.!
रखता है जो होसला
आसमान को छूने का.!
उसको नही होती परवाह
गिर जाने की.!"
"दुनिया की हर चीज़ ठोकर लगने से टूट जाया करती है...
एक " कामयाबी ही है जो ठोकर खा के ही मिलती है...!!"

Saturday, 5 December 2015

Very nice msg.. Read twice..
जिंदगी में दो चीज़ें हमेशा टूटने के लिए ही
होती हैं:
"सांस और साथ"
सांस टूटने से तो इंसान 1 ही बार मरता
है;
पर किसी का साथ टूटने से इंसान पल-पल
मरता है।
������
जीवन का सबसे बड़ा अपराध -
किसी की आँख में आंसू आपकी वजह से होना।
और
जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि -
किसी की आँख में आंसू आपके लिए होना।
������
जरुरत के मुताबिक जिंदगी जिओ -
ख्वाहिशों के मुताबिक नहीं।
क्योंकि जरुरत तो फकीरों की भी पूरी हो
जाती है;
और ख्वाहिशें बादशाहों की भी अधूरी रह
जाती है।
������
मनुष्य सुबह से शाम तक काम करके उतना
नहीं थकता;
जितना क्रोध और चिंता से एक क्षण में थक
जाता है।
������
दुनिया में कोई भी चीज़ अपने आपके लिए
नहीं बनी है।
जैसे:
दरिया - खुद अपना पानी नहीं पीता।
पेड़ - खुद अपना फल नहीं खाते।
सूरज - अपने लिए हररात नहीं देता।
फूल - अपनी खुशबु अपने लिए नहीं बिखेरते।
मालूम है क्यों?
क्योंकि दूसरों के लिए ही जीना ही असली
जिंदगी है।
������
मांगो तो अपने रब से मांगो;
जो दे तो रहमत और न दे तो किस्मत;
लेकिन दुनिया से हरगिज़ मत माँगना;
क्योंकि दे तो एहसान और न दे तो
शर्मिंदगी।
������
कभी भी 'कामयाबी' को दिमाग और
'नकामी' को दिल में जगह
नहीं देनी चाहिए।
क्योंकि,
कामयाबी दिमाग में घमंड और नकामी
दिल में
मायूसी पैदा करती है।
������
कौन देता है उम्र भर का सहारा।
लोग तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते हैं।
������
सुखी जीवन के ६ मन्त्र
अगर 'पूजा' कर रहे हो - तो 'विश्वास'
करना सीखो !
'बोलने' से पहले - 'सुनना' सीखो !
अगर 'खर्च' करना है - तो 'कमाना'
सीखो !
अगर 'लिखना' है - तो 'सोचना' सीखो !
'हार' मानने से पहले - फिर से 'कोशिश'
करना सीखो !
'मरने' से पहले - खुल के 'जीना'
Send to 5 people and see your
good time start from
next minute.....
सफलता के सात भेद, मुझे अपने कमरे के अंदर
 ही उत्तर मिल गये !

छत ने कहा : ऊँचे उद्देश्य रखो !

पंखे ने कहा : ठन्डे रहो !

घडी ने कहा : हर मिनट कीमती है !

शीशे ने कहा : कुछ करने से पहले अपने अंदर झांक
 लो !

खिड़की ने कहा : दुनिया को देखो !

कैलेंडर ने कहा : Up-to-date रहो !

दरवाजे ने कहा : अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के
लिए पूरा जोर लगाओ !

नींद और मौत में क्या फर्क है...?
किसी ने क्या खूबसूरत जवाब दिया है....

 "नींद आधी मौत है"

 और

"मौत मुकम्मल नींद है"

जिंदगी तो अपने ही तरीके से चलती है....

औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।

 सुबहे होती है , शाम होती है

 उम्र यू ही तमाम होती है ।

 कोई रो कर दिल बहलाता है

और

कोई हँस कर दर्द छुपाता है.

क्या करामात है कुदरत की,

ज़िंदा इंसान पानी में डूब जाता है

और मुर्दा तैर के दिखाता है...

यदि आपके फ्रिज में खाना है, बदन पर कपड़े हैं, घर के ऊपर छत है और सोने के लिये जगह है,
तो दुनिया के 75% लोगों से ज्यादा धनी हैं

 यदि आपके पर्स में पैसे हैं और आप कुछ बदलाव के लिये कही भी जा सकते हैं जहाँ आप जाना चाहते हैं
तो आप दुनिया के 18% धनी लोगों में शामिल हैं

 यदि आप आज पूर्णतः स्वस्थ होकर जीवित हैं
तो आप उन लाखों लोगों की तुलना में खुशनसीब हैं जो इस हफ्ते जी भी न पायें

 जीवन के मायने दुःखों की शिकायत करने में नहीं हैं
बल्कि हमारे निर्माता को धन्यवाद करने के अन्य हजारों कारणों में है!!!

 यदि आप मैसेज को वाकइ पढ़ सकते हैं और समझ सकते हैं
तो आप उन करोड़ों लोगों में खुशनसीब हैं जो देख नहीं सकते और पढ़ नहीं सकते

अगर आपको यह सन्देश बार बार मिले तो परेशान होनेकी
बजाय आपको खुश होना चाहिए !


बेहतर जीवन जीयें !!!
💮💮💮💮
काबू में रखें - प्रार्थना के वक़्त अपने दिल को,
काबू में रखें - खाना खाते समय पेट को,
काबू में रखें - किसी के घर जाएं तो आँखों को,
काबू में रखें - महफ़िल मे जाएं तो ज़बान को,
काबू में रखें - पराया धन देखें तो लालच को,
💮💮💮
भूल जाएं - अपनी नेकियों को,
भूल जाएं - दूसरों की गलतियों को,
भूल जाएं - अतीत के कड़वे संस्मरणों को,
💮💮💮
छोड दें - दूसरों को नीचा दिखाना,
छोड दें - दूसरों की सफलता से जलना,
छोड दें - दूसरों के धन की चाह रखना,
छोड दें - दूसरों की चुगली करना,
छोड दें - दूसरों की सफलता पर दुखी होना,
इसे गौर से दो बार पढे !

जिस दिन हमारी मोत होती है, हमारा पैसा बैंक में ही रहा जाता है।
*
जब हम जिंदा होते हैं तो हमें लगता है कि हमारे पास खच॔ करने को   पया॔प्त धन नहीं है।
*
जब हम चले जाते है तब भी बहुत सा धन बिना खच॔ हुये बच जाता है।
*
एक चीनी बादशाह की मोत हुई। वो अपनी विधवा के लिये बैंक में 1.9 मिलियन डालर छोड़ कर गया। विधवा ने जवान नोकर से शादी कर ली। उस नोकर ने कहा -
"मैं हमेशा सोचता था कि मैं अपने मालिक के लिये काम करता हूँ अब समझ आया कि वो हमेशा मेरे लिये काम करता था।"

सीख?
ज्यादा जरूरी है कि अधिक धन अज॔न कि बजाय अधिक जिया जाय।
• अच्छे व स्वस्थ शरीर के लिये प्रयास करिये।
• मँहगे फ़ोन के 70% फंक्शन अनोपयोगी रहते है।
• मँहगी कार की 70% गति का उपयोग नहीं हो पाता।
• आलीशान मकानो का 70% हिस्सा खाली रहता है।
• पूरी अलमारी के 70% कपड़े पड़े रहते हैं।
• पुरी जिंदगी की कमाई का 70% दूसरो के उपयोग के लिये छूट जाता है।
• 70% गुणो का उपयोग नहीं हो पाता

तो 30% का पूण॔ उपयोग कैसे हो
• स्वस्थ होने पर भी निरंतर चैक अप करायें।
• प्यासे न होने पर भी अधिक पानी पियें।
• जब भी संभव हो, अपना अहं त्यागें ।
• शक्तिशाली होने पर भी सरल रहेँ।
• धनी न होने पर भी परिपूण॔ रहें।